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संपादक मंडल

परिकल्पना ब्लॉगोत्सव संपादकीय टीम

मुख्य संपादक :

रवीन्द्र प्रभात

हिंदी के मुख्य ब्लॉग विश्लेषक के रूप में चर्चित रवीन्द्र प्रभात विगत ढाई दशक से निरंतर साहित्य की विभिन्न विधाओं में लेखनरत हैं । इनकी रचनाएँ भारत तथा विदेश से प्रकाशित लगभग सभी प्रमुख हिन्दी पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुकी हैं तथा कविताएँ लगभग डेढ़ दर्जन चर्चित काव्य संकलनों में संकलित हैं। हमसफ़र” और “मत रोना रमजानी चाचा” दो ग़ज़ल संग्रह तथा एक कविता संग्रह “स्मृति शेष” प्रकाशित है । इन्होंने “समकालीन नेपाली साहित्य” में सक्रिय हस्ताक्षरों की रचनाओं का एक संकलन भी संपादित किया है । इस वर्ष इनकी तीन पुस्तकें क्रमश: ताकि बचा रहे लोकतंत्र (उपन्यास) , हिंदी ब्लॉगिंग : अभिव्यक्ति की नई क्रान्ति (संपादित) तथा हिंदी ब्लॉगिंग का इतिहास एक साथ प्रकाशित हुई है है तथा प्रेम न हाट विकाय(उपन्यास ) प्रकाशनाधीन है !

सलाहकार  संपादक :

अविनाश वाचस्पति

हिंदी ब्लॉग जगत के सर्वाधिक सक्रिय और लोकप्रिय चिट्ठाकारों में से एक, ये दिल्ली विश्वविद्यालय से कला स्नातक हैं और भारतीय जन संचार संस्थान से संचार परिचय‘, तथा हिंदी पत्रकारिता पाठ्यक्रम पूरा किया है। साहित्यकार होने के साथ-साथ वे साहित्य, फ़िल्म और समाज से जुड़ी अनेक संस्थाओं के प्रबंधक पद पर काम कर चुके हैं।इन्होनें लगभग सभी साहित्यिक विधाओं में लेखन किया है परंतु व्यंग्य, कविता एवं फ़िल्म पत्रकारिता में प्रमुख उपलब्धियाँ हैं। इनकी रचनाएँ भारत तथा विदेश से प्रकाशित लगभग सभी प्रमुख हिन्दी पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुकी हैं तथा उनकी कविताएँ चर्चित काव्य संकलनों में संकलित की गई हैं।

कार्यकारी  संपादक :
रश्मि प्रभा

कवि पन्त की मानस पुत्री श्रीमती सरस्वती प्रसाद की बेटी होने के कारण नामकरण स्वर्गीय सुमित्रा नंदन पन्त ने किया और नाम के साथ अपनी स्व रचित पंक्तियाँ इनके नाम की…”सुन्दर जीवन का क्रम रे, सुन्दर-सुन्दर जग-जीवन”, यह रचना पांडुलिपि उन्हें विरासत मे मिली । संप्रति हिंदी त्रैमासिक पत्रिका वटवृक्ष की संपादक हैं

प्रबंध संपादक :

रणधीर सिंह सुमन

ये लोकसंघर्ष तथा वटवृक्ष पत्रिका के प्रबन्ध सम्पादक तथा बाराबंकी जनपद के वरिष्ठ फौजदारी अधिवक्ता हैं ! साम्यवादी विचारधारा से गहरे प्रभावित हैं और ब्लॉगजगत  में लोकप्रिय भी !

साहित्य संपादक :
जाकिर अली रजनीश

एक जनवरी उन्नीस सौ पिचहत्तर को जन्मे श्री रजनीश नें हिन्दी में स्नात्कोत्तर तक की शिक्षा प्राप्त परने के अलावा बी0सी0जे0 तथा सृजनात्मक लेखन में डिप्लोमा भी किया है। रजनीश जी की सृजन यात्रा 1991 से अनवरत जारी है तथा वे कहानी, उपन्यास, नाटक एवं कविता विधा में समान दक्ष हैं। इनकी अब तक राष्ट्रीय स्तर की अनेकों पत्र-पत्रिकाओं में हजार से अधिक रचनाएं प्रकाशित हुई हैं। अनेकों पुस्तकों के लेखक श्री रजनीश नें अंग्रेजी, मराठी एवं बंग्ला भाषा में अनेक रचनाओं का अनुवाद भी किया है। रजनीश जी की प्रतिभा को भारतेन्दु पुरस्कार, विज्ञान कथा भूषण सम्मान, श्रीमती रतन शर्मा स्मृति बालसाहित्य पुरस्कार, सहस्राब्दि हिन्दी सेवी सम्मान, डा0 सी0वी0 रमन तकनीकी लेखन पुरस्कार, सर्जना पुरस्कार आदि महत्वपूर्ण पुरस्कारों से नवाज़ा गया है। डिक्शनरी ऑफ इंटेलेक्चुअल, कैम्ब्रिज, इंग्लैण्ड सहित अनेक संदर्भ ग्रन्थ में रजनीश को ससम्मान उदधृत किया गया है।
फीचर संपादक :
शाहनवाज़ सिद्दीकी

ये ग़ालिब की नगरी दिल्ली से हैं, एक बहुराष्ट्रीय कम्पनी में कार्यरत हैं और विज्ञापन से जुड़े कार्य संभालते हैं ! इनका  यह मानना है कि विचारों में चाहे विरोधाभास हो, आस्था में चाहे विभिन्नताएं हो परन्तु मनुष्य को ऐसी वाणी बोलनी  चाहिए कि बात के महत्त्व का पता चल सके. अहम् को छोड़ कर मधुरता से सुवचन बोलें जाएँ तो जीवन का सच्चा सुख मिलता है, संप्रति ई-पत्रिका हमारी वाणी के तकनीकी संपादक हैं तथा प्रेमरस.कॉ इनका व्यक्तिगत ब्लॉग है………….!

तकनीकी  संपादक :
कनिष्क कश्यप

सिवान (बिहार) के निवासी है और वर्तमान में दिल्ली में पत्रकारिता जगत में सक्रिय हैं. गत पांच वर्षो से विभिन्न सामाजिक और सांस्कृतिक मंचो पर उपस्थित रहे. राजनीतिक, सांस्कृतिक और सामाजिक बोध आपमें नैसर्गिक रूप से विद्धमान है. दिल्ली रंगमंच जगत में अभिनय,लेखन और निर्देशन के अलावा आप कवि और मंच संचालक के रूप में भी जाने जाते हैं !  संप्रति ब्लॉग प्रहरी के संचालक हैं…….!
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सहयोगी संपादक
गिरीश बिल्लोरे मुकुल

जन्म- २९ नवंबर १९६२ सालिचौका नरसिंहपुर म०प्र० में।शिक्षा- एम० कॉम०, एल एल बी छात्रसंघ मे विभिन्न पदों पर रहकर छात्रों के बीच सांस्कृतिक साहित्यिक आंदोलन को बढ़ावा मिला और वादविवाद प्रतियोगिताओं में सक्रियता व सफलता प्राप्त की। संस्कार शिक्षा के दौर मे सान्निध्य मिला स्व हरिशंकर परसाई, प्रो हनुमान वर्मा, प्रो हरिकृष्ण त्रिपाठी, प्रो अनिल जैन व प्रो अनिल धगत जैसे लोगों का। गीत कविता गद्य और कहानी विधाओं में लेखन तथा पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशन। म०प्र० लेखक संघ मिलन कहानीमंच से संबद्ध। मेलोडी ऑफ लाइफ़ का संपादन, नर्मदा अमृतवाणी तथा बावरे फ़कीरा ऑडियो कैसेट व सी डी का प्रकाशन…!सम्प्रति बाल विकास परियोजना अधिकारी के पद पर जबलपुर मे कार्यरत
  • उपरोक्त समस्त पद अवैतनिक और अव्यवसायिक है