अंडमान के साहित्यकारों-बुद्धिजीवियों ने दी कृष्ण कुमार यादव को भावभीनी विदाई
इस अवसर पर एक काव्य गोष्ठी का भी आयोजन किया गया, जिसमें सर्वश्री घनश्याम सिंह, मकसूद आलम, अनिरुद्ध पांडे, अरविंद त्रिपाठी, श्रीमती डी.एम. सावित्री, श्री दुर्ग विजय सिंह ‘दीप’ इत्यादि ने अपनी अपनी कविताएं पढ़ी। श्री कृष्ण कुमार यादव ने भी अपनी कविताओं और हाइकु से लोगों का मन मोहा. अंडमान के आदिवासियों पर आधारित उनकी कविता ने लोगों को बड़ा प्रभावित किया ।
- दुर्ग विजय सिंह ‘दीप’
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चर्चित साहित्यकार, लेखक और ब्लागर कृष्ण कुमार यादव के अंडमान-निकोबार द्वीप समूह से इलाहाबाद में निदेशक डाक सेवाएँ पद पर स्थानांतरित होकर जाने से पूर्व 6 फरवरी, 2012 को पोर्टब्लेयर में भव्य अभिनन्दन और विदाई समारोह आयोजित किया गया. टैगोर राजकीय शिक्षा महाविद्यालय, पोर्टब्लेयर के सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में तमाम विद्वतजनों, साहित्यकारों, शिक्षाविदों, पत्रकारों और प्रशासनिक सेवाओं से जुड़े लोगों ने श्री यादव के कार्यकाल को सराहा और एक साहित्यकार के रूप में उनके प्रखर योगदान को रेखांकित किया. ‘चेतना’ सामाजिक-सांस्कृतिक-साहित्यिक संस्था द्वारा श्री यादव को संस्था की मानद सदस्यता से विभूषित कर आशा की गई कि वे जहाँ भी रहेंगें, अंडमान-निकोबार से अपना लगाव बनाये रखेंगें.
अरे वाह, तो कृष्ण कुमार जी मुख्य भूमि लौट रहे हैं. वाकई वे जहाँ भी पदस्थ रहे, वहाँ उन्होंने अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई. वाकई वे एक संवेदनशील व्यक्तित्व हैं…इलाहबाद तबादले पर शुभकामनायें स्वीकारें !
इलाहाबाद आने पर आपका स्वागत है!
भाई यादव जी के अंडमान के कार्यकान को निश्चय ही सदैव याद किया जायेगा। अब उनके हमारे नज़दीक आने पर हमें बेहद खुशी हो रही है।
भाई यादव जी के अंडमान के कार्यकाल को निश्चय ही सदैव याद किया जायेगा। अब उनके हमारे नज़दीक आने पर हमें बेहद खुशी हो रही है।
कृष्ण कुमार यादव ने बहुत कम समय में अपनी पहचान बनाई है .प्रायः ऐसा देखा गया है की साहित्यकार अपनी संवेदना के कारण प्रशाशन में मानवता का समावेश करता है .कृष्ण कुमार ने इसे बखूबी किया है .इलाहबाद आने के लिए उन्हें विशेष बधाई .
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KK Bhai ka Allahabad men besabri se intzar hai..