जनांदोलनो के लोगों को माओवादी बताकर किया जा रहा है दमन : सीमा आज़ाद
सरकार नाम की सत्ता ने जनांदोलनो के खिलाफ एक अभियान चला रखा है, साथियों को माओवादी बता कर जेलों में डाल दिया जाता है , माओवादी का ठप्पा लगते ही तमाम लोग डर कर भाग जाते हैं और जम कर विरोध नहीं कर पाते. ऐसे मामलों में जैसा विरोध होना चाहिए वैसा नहीं हो पाता जबकि हमें विरोध के स्वकार को तेज़ करना चाहिए जिससे साथियों के परिवारों में हताशा न आये. ढाई साल तक मावोवादी होने के आरोप में अपने पति के साथ जेल में बंद मानवाधिकार कार्यकर्ती सीमा आजाद ने ये बातें अपने संबोधन में कही . सीमा और उनके पति विश्वविजय आज लखनऊ प्रेस क्लब में ” काले क़ानून के विरोध में आयोजित संगोष्ठी में मुख्या वक्ता थे. संगोष्ठी का आयोजन लोक स्वतंत्र संगठन ( पी यु सी एल ) ने किया था.
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