हिन्दुस्तान में रहने वालों
हिन्दी का सत्कार करो
हिन्दुस्तान की शान है हिन्दी
भारत का अभिमान है हिन्दी
हिन्दी की ही कोख से पलकर
हिन्दी का अपमान हम करते हैं
अंग्रेज़ी में बाबू बनकर
संस्कारों का दम्भ भरते हैं
हिन्दी से जन्मीं कई भाषाएँ
हिन्दी से ही है हमारी आशाएं
हिन्दी ने जीना सीखाकर
जीवन का उच्च आदर्श बताया
साहित्य के क्षेत्र में महान विभूतियों
महादेवी,प्रसाद,निराला,पन्त से मिलवाया
हिन्दी भाषा बहुत ही मीठी
इसका तुम रसपान करो
संस्कारों का दम्भ भरते हैं
हिन्दी से जन्मीं कई भाषाएँ
हिन्दी से ही है हमारी आशाएं
हिन्दी ने जीना सीखाकर
जीवन का उच्च आदर्श बताया
साहित्य के क्षेत्र में महान विभूतियों
महादेवी,प्रसाद,निराला,पन्त से मिलवाया
हिन्दी भाषा बहुत ही मीठी
इसका तुम रसपान करो
डॉ.प्रीत अरोड़ा
जिला मोहाली की रहने वाली ड़ॉ प्रीत अरोड़ा को यंग और बेस्ट हिंदी लेखन के लिए राजीव गाँधी एक्सीलेंस अवार्ड (2012) दिया गया है .यह समारोह (speaker hall consitution club ,rafi marg ,new delhi ) में आयोजित किया गया था.यह अवार्ड उन्हें केन्द्रीय कोयला मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल ने दिया. इससे पहले भी इनकी कहानी और कविता को सम्मानित किया जा चुका है.पँजाब यूनिवर्सिटी से हिन्दी में पीएचडी करने वाली ड़ा प्रीत भारत के इलावा अमरीका ,कनाडा ,ब्रिटेन,नेपाल ,यू.ए.ई.सहित अन्य कई देशों में प्रकाशित होने वाली मैगज़ीन में आर्टिकल लिखती हैं.इसके साथ ही ड़ा प्रीत पत्रिका और किताब का सम्पादन भी कर रही हैं.प्रीत बताती हैं कि उन्हें सबसे ज्यादा बच्चों और महिलाओं पर लिखना अच्छा लगता है I सम्मान-अमर उजाला की ओर से सम्मानित I पुरस्कार-‘वुमेन आन टाप ’पत्रिका के ओर से कहानी पुरस्कृत (मई-2012 )Iयुवा लेखिका के लिए राजीव गाँधी एक्सीलेंस अवार्ड (२०१२) से सम्मानित I “अनुभूति” नामक काव्य-संग्रह का सम्पादन (प्रकाशाधीन ) I मनमीत पत्रिका का अतिथि सम्पादन I ब्लॉग–http://merisadhna.blogspot.in/ ईमेल—[email protected]




हिंदी दिवस की शुभकामनायें !!
अच्छी कविता, हिन्दी दिवस की शुभकामनायें ।
हिंदी की बिन्दी,
खुद हमने कर दीनी चिन्दी-चिन्दी !
भारत माँ का भाल हो रहा सूना,
राष्ट्र भाषा अपनी क्यों लगती गन्दी !! हिन्दी की बिन्दी..
सबसे सहज़ सरल निज भाषा ,
झूठा प्रेम दिखा मनाते दिवस हिन्दी!! हिन्दी की बिन्दी..
अगले दिवस भुला जाते इसको,
३६४दिन इसकी कर देते ताला-बन्दी!!हिन्दी की बिन्दी..
अंग्रेज़ी,उर्दू सबको अपना बनते हम,
दरिया-दिल ,और भुला जाते माँ-हिन्दी!!हिन्दी की बिन्दी..
राष्ट्र-भाषा का दर्ज़ा देकर भी हमने,
गौरव नही प्रदान किया रोये-हिन्दी!! हिन्दी की बिन्दी..
बोधिसत्व कस्तूरिया २०२ नीरव निकुन्ज सिकन्दरा आगरा २८२००७
bahut bahut shubh kaamanaaye