12:02 pm - Tuesday May 21, 2013

खुशियों के कुछ पलों के लिए

खुशियों के कुछ पलों के लिए
घोंसले में चहकता है पंछी
पंखो के बाहुपाश में  समेटता
चमन को ।
चोंच टकराता
घरोंदे के ओर- छोर,
उमंग ढूंडता
जीतना चाहता अपने मौन को ।
मस्तमंगल धुन में,
संसार के पराभव को गाना चाहता
खुशी की व्यंजना में
प्रेम का शब्दावरण
पहनाना चाहता।
क्रूर बाज के तीक्ष्ण निगाहों से
घरोंदे को बचाना चाहता

बलबीर राणा “भैजी”

जन्म उत्तराखण्ड में जिला चमोली मल्ला दशोली पटटी के ग्राम मटई बैराशकुण्ड क्षेत्र में हुआ। बचपन पहाडी सीडी नुमा खेतों में कुदते फांदते गाय बकरियों के पीछे भागते बीता। ब्लॉग :  “अडिग शब्दों का पहराhttp://balbirrana.blogspot.com/

Filed in: कविता

One Response to “खुशियों के कुछ पलों के लिए”

  1. suman patil
    October 13, 2012 at 10:09 pm #

    क्रूर बाज के तीक्ष्ण निगाहों से
    घरोंदे को बचाना चाहता
    bahut sundar

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