व्यंग्य : बाधा स्पीड ब्रेकर्स की
स्पीड ब्रेकर्स अगर स्पीड ही ब्रेक करे तो गनीमत है। यह तो स्पीड ब्रेकर्स कम पीठ ब्रेकर्स ज्यादा होते हैं। सुबह से शाम तक आपको इतने स्पीड ब्रेकर्स झेलने पड़ जाते हैं कि शरीर के हर हिस्से में शॉक एबजार्बर की जरूरत महसूस होने लगती है। स्पीड ब्रेकर्स भी अब ऐसे वैसे नहीं बनाये जाते हैैं। ऐसा लगता है कि सड़क पर ही हर्डल रेस यानी बाधा दौड़ का पूरा इंतजाम कर दिया हो। ऊँचे- ऊँचे स्पीड ब्रेकर्स अगर आप रात बिरात देख न पायें तो आपकी सुबह अगर अस्पताल में हो तो कोई बड़ी बात नहीं।
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