यूँ तो हम हर साल दशहरा मनाते हैं,
श्यामल सुमन यानी संघर्ष संघर्ष और लगातार संघर्षों से निकला एक साधारण इंसान जो अपनी वैचारिक प्रतिबद्धता और जीवन-कर्म के बीच की दूरी को निरंतर कम करने की कोशिश में आज भी संघर्षरत है. शिक्षा – स्नातक /तकनीकी शिक्षा – विद्युत अभियंत्रण में डिप्लोमा /सम्प्रति – प्रशासनिक पदाधिकारी टाटा स्टील, जमशेदपुर/ रुचि के विषय : नैतिक-मानवीय मूल्य एवं सम्वेदना…..छात्र जीवन से ही लिखने की ललक, स्थानीय समाचार पत्रों सहित देश के कई पत्रिकाओं में अनेक समसामयिक आलेख समेत कविताएँ, गीत, ग़ज़ल, हास्य-व्यंग्य आदि प्रकाशित…स्थानीय टी.वी. चैनल एवं रेडियो स्टेशन में गीत, ग़ज़ल का प्रसारण, कई कवि-सम्मेलनों में शिरकत और मंच संचालन। अंतरजाल पत्रिका “अनुभूति, हिन्दी नेस्ट, साहित्य कुञ्ज, आदि में अनेक रचनाएँ प्रकाशित। इनका ब्लॉग है : http://manoramsuman.blogspot.in/
bahut hi sundar kataksh! vartmaan sandrbh me ek dam fit1