Author Archives: Abhishek Prasad
आदरणीय वित्त-मंत्री जी,
आदरणीय वित्त-मंत्री जी,
सबसे पहले तो सादर अभिनन्दन स्वीकार करें.
इतने बड़े लोकतान्त्रिक देश...
ज़रा सोंचिये प्रधानमत्री महोदय ….
आदरणीय प्रधानमत्री महोदय,
सबसे पहले मेरा सादर अभिनन्दन स्वीकार करें. मैं इस देश एक आम और बहुत...
ख़ामोशी… बहुत कुछ कहती है…
आप सबने मेरी ख़ामोशी में बड़ी ख़ामोशी से साथ दिया है… मेरी खामोश हौसला-आफजाई की है… हमेशा...
एक गर्दन की दास्ताँ…
आज हाजिर हूँ आप सबके सामने… रविवार का दिन है.. फुर्सत ही फुर्सत है… कुछ ही देर पहले सोकर उठा...
वो रात..
कल की काली अँधेरी रात…
किसी रौशन दिन से भी ज्यादा रौशन थे
वो सामने थी मेरे
कई महीनो बाद और मैं...
झूठे धार्मिक नियम या प्राकृतिक क्रिया… कौन है सही?
आज सुबह-सुबह एक बड़ी अनोखी बात मालूम पड़ी, सच बोल रहा हूँ पहली बार ही मालूम पड़ी है… इसके पहले...
छोटा कद पर बड़ा वजूद…
दिल्ली में रहने वाले या फिर वो लोग जो एक न एक बार दिल्ली जरूर आये है, उन्हें पता है कि यहाँ यात्रा...
जिंदगी का सबसे अनमोल दिन… १९ सितम्बर
कभी कभी तो कई कई दिनों तक मेरे पास लिखने को कुछ भी नहीं रहता और आज इतना कुछ है कि सोंच रहा हूँ कहाँ...
एक पत्र दयनीय आदमी के नाम…
दयनीय आम आदमी,
सादर प्रणाम.
आशा करता हूँ आप हमेशा की तरह दयनीय ही होंगे. मैं भी सकुशल दयनीय हूँ....
एक पत्र राष्ट्रपति के नाम…
आदरणीय महामहिम राष्ट्रपति महोदया,
कई दिनों से सोंच रहा था आपको एक पत्र लिखूं, पर शायद हिम्मत...

