Author Archives: अविनाश वाचस्पति
नया साल बनाम पुराना साल :सब भ्रम है, सब बना रहेगा
जो है वह रहेगा। अनंत का तक रहेगा। गारंटी हो वारंटी हो, न हो, ठेका हो, न हो। जो आया है, वह कभी कहीं...
डर्टी पिक्चर ऊ ला ला ऊर्फ बावरी मस्जिद राम लला :अविनाश वाचस्पति
व्यंग्य
डर्टी की पॉवर बहुत ज्यादा है, गंदगी का ट्री बहुत घना है। मन पर विचारों का कोहरा जमा है।...
आधुनिक पगडंडियां मेट्रो हैं
पगडंडियां बनाते थे पग
जब भरते थे डग
कहीं से भी कहीं भी होकर
गुजर जाते थे
मंजिल पर जल्दी
पहुंच...
क्रिकेट में काली कमाई का पहाड़
व्यंग्य
क्रिकेट ने पहुंचाया जेल, इस खेल में भी भ्रष्टाचार का निकला मुख्य रोल और काहे का खेल...
भैयादूज वाले मुन्नाभाई की भाईगिरी।
भैयादूज पर विशेष :
भाईयों की असली सेवा लेने का वक्त इस भैया दूज से शुरू हो गया है। जगह जगह दुकानें...
खिलाडि़यों का रोना और नोबल पुरस्कार
व्यंग्य
आओ मिलकर सब रोयें, रोने के फायदे तो न खोयें। रोने के फायदों में सबसे पहले अपनी आंखों में...
सच्चे प्यार की निशानी, गर्म कानों की कहानी है
व्यंग्य
प्रेम शब्द जहन में आते ही कईयों के कान गर्म हो जाना सहज है। कान गर्म न हों तो भी आदमी...
ओम जय भ्रष्टाचार हरे
व्यंग्य
(“स्रोत – गुगल इमेज”)
मैं भ्रष्टाचार महान। मुझे क्या कर पायेगा अन्ना हजारे परेशान।...
किसी को दो, न दो, पर इन्हें भारत रत्न जरूर दो
भारत सरकार इन पर रोक क्यों नहीं लगाती है : डॉ. आर के अग्रवाल की कारगुजारियां
18 जुलाई 2011 दिन रविवार...
चीन की भाषा मैन्डरीन को भी पीछे छोड़ चुकी है हिन्दी :डॉ. सुधा ओम ढींगरा
साक्षात्कार
कवयित्री, कहानीकार, उपन्यासकार, पत्रकार, रंगमंच, आकाशवाणी एवं दूरदर्शन कलाकार,...

