Author Archives: Rajesh Sharma
अँधेरे का आनंद क्या हैं दोस्तों ?
क्यूँ खुलती नहीं है उनकी आँखे
क्यूँ नींद में हैं
या क्यूँ मूह फेर कर बैठे हैं
शतुरमुर्ग की तरह
क्यूँ...
हिंदी ब्लॉग जगत में टिप्पणिया और उनका महत्त्व
मई के महीने की बात हैं , हिंदी ब्लॉग जगत के धुरंधर श्री अविनाश वाचस्पति जी ने अपने एक ब्लॉग का...
जीना पड़ता हैं
सच कहू तो फूलो को भी खिलना पड़ता हैं
राजी नहीं हैं कोई भी , की ,जनम वो ले /
आता हैं रोते रोते , कुछ देर...
मैं सरकारी अफसर हूँ
मैं सरकारी अफसर हूँ
मैंने कुछ पुस्तके पढ़ी हैं
इसलिए ज्ञान मेरे अन्दर ही समाया हैं
मैकाले की...
परख लो मुझे
एक सोच फ़िर से देता हूँ तुम्हे
वक्त लेना
ख़ुद को बिल्कुल एकाकी कर लेना
सोच में।
फ़िर देखना क्या...
बह जाने दो
तेरी खामोश आवाज सुनने की कोशिश करता रहा .
प्रयत्न से
सुनना साँसों को.
और थाह लेना भारी मन की.
गहरी...
भ्रम और नवजीवन
हकीकत से रूबरू हर रोज होता हूँ
वास्तविकता का बोध हमेशा कराया
जाता हैं
दुनिया के लिहाज से बड़ा...
भारतीय रेल का सफर
आज फ़िर एक बार स्लीपर क्लास में बैठा अपने विचारो को लेखबद्ध करने का प्रयत्न कर रहा हूँ। आज तक...
शब्द गूम जाएंगे, रचना न होगा कविता
शब्द गूम जाएंगे रचना ना होगा कविता
भाव थम जाएंगे
मन क्षुब्ध होगा
गीत गुंजन
न मधुर कलरव होगा
ऐसा...
माँ काश तुमने मुझे सिखाया होता
माँ काश तुमने मुझे सिखाया होता
झूठ बोलने का हुनर
थोडी सी मक्कारी
जीने का तरीका
जो चलता हैं आजकल
चापलूसी...

