Author Archives: rashmiprabha
शक्ति के कई रूप हैं , कई रंग हैं , कई आकार….
शक्ति – नारी, ईश्वर , जादू, प्रकृति, सहनशीलता , संजीवनी …
शक्ति के कई रूप हैं , कई रंग हैं , कई आकार
एक...
रश्मि प्रभा की कविता : लगाओ बाजी !
लगाओ बाजी !!!
नाटकीय ज़िन्दगी जीते जीते
हर शाख गिरवी है
कहीं से कोई अपनेपन की आंच मिले
सबकी नज़रें...
चांद और बदली में हो गयी खटपट
चांद और बदली में हो गयी खटपट
रूठी हुई बदरिया सूरज से करके घूंघट
सिसकिया……………
भर-भर के...
आज चाँद पूरा है फलक पर
चाँद
हर दिन के साथ बढ़ता हुआ
हर दिन के साथ घटता हुआ
जिंदगी के उतार-चढ़ावों को
अपनी चाँदनी से सराबोर...
आ जा री आ, निंदिया तू आ…..
आज हम आपको एक वीडियो दिखाने जा रहे हैं फ़िल्म ‘दो बिघा ज़मीन’ से लता मंगेशकर की आवाज़ में एक...
“मेरा पुरुषार्थ……….. (मेरी विवशता)”
मै भी एक इंसान हूँ इस भीड़भार की दुनिया में।मेरे अंदर भी भाव है,संवेदना है बिल्कुल औरों की तरह।मै...
रात चाँद खुश था मुस्कुरा कर मिला….
चाँद!
ख़्वाबों में एक आस जगा कर मिला
रात चाँद खुश था मुस्कुरा कर मिला
गम-ए-दिल दवा बनी दीदार-ए-यार...
चौदहवीं का चाँद हो
चाँद आज भी लुभाता है , अपनी चाँदनी साझा करता है … विज्ञान ने जो भी सत्य बताया हो उस पर अपने
कदम...
वाह रे चाँद बस का….
ललित निबंध
बस में चांद आपका अपना साथी हो सकता है जैसा कि मेरा हो गया, किन्तु वो आपके “बस” में रहे,...
नामुमकिन को मुमकिन करने निकले हैं : कविता किरण
कविता किरण
जन्म स्थान
उज्जैन, मध्यप्रदेश
कुछ प्रमुख
कृतियाँ
दर्द का सफ़र (गज़ल...

