Archive: अपनी बात Subscribe to अपनी बात
मनुष्य का स्वाभिमान उसकी स्वतंत्रता में है।
हमने कभी सोचा है कि विगत चौंसठ वर्षों से हम जिस स्वतन्त्रता का जश्न मनाते आ रहे हैं,उसके क्या...
रमजान का महीना ये याद दिलाता है….
“हुजुर सल्लाहो अलैहे वसल्लम, कहते हैं बांटो खुशियाँ औरों का लेके गम ! रमजान का महीना ये याद...
गुरु का अभिप्राय
आज गुरुपूर्णिमा है और हम सब के लिए ये सबसे बड़ा पर्व है .क्योंकि गुरु और शिष्य के मध्य का रिश्ता...
सफलता की खुशबू की खनक बड़ी गहरी होती है !
साझा संवाद,साझी विरासत,साझी धरोहर, साझा मंच आप जो मान लीजिये परिकल्पना ब्लॉगोत्सव की एक कैफियत...
सृजन का सुख अकथनीय होता है
चेतना स्वयं में एक ब्रह्मांडीय तत्व है,मन के सारे तारों को बेधने के बाद उसके अस्तित्व की झलक...
रचनात्मक आन्दोलन के दो वर्ष
ब्लॉग यानी न्यू मीडिया सामाजिक प्रभुत्व प्राप्ति की सनक नहीं है । यह एक अनुष्ठान है और इसमें...
परिकल्पना ब्लॉगोत्सव की शुरुआत
आज से हम परिकल्पना ब्लॉगोत्सव के द्वितीय संस्करण की शुरुआत करने जा रहे हैं … सृजन के विविध...
परिकल्पना ब्लॉग उत्सव-2011 हेतु रचनाएँ आमंत्रित
ब्लॉगोत्सव और परिकल्पना सम्मान को जारी रखने और न रखने को लेकर कतिपय चिट्ठाकारों/साहित्यकारों...
हंगामा क्यों है बरपा!
अण्णा हजारे द्वारा गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी की तारीफ क्या की गई, हंगामा खड़ा हो गया।...
अपने ही बदलाव से डरता बदलता समाज
बिंदास’ शब्द की हकीकत सामाजिक मूल्यों से आकर जब टकराती है, तब हम गहरे आहत होते हैं। क्षणभर में...

