1:37 pm - Saturday May 19, 6181

Archive: कविता Subscribe to कविता

Holi_anisha

होली के चार रंग : मदन मोहन ‘घोटू’

(एक) चुनाव के बाद तुम संग कैसे खेले होली तुम हो नार बड़ी बडबोली नारी दिवस पर दुखिया नारी मायावती...
1-moon-outside-my-window-cher-odum

इंसानी फितरत

जब जब अकेली होती हूँ जी भर कर रोती हूँ , कैसे बताऊ मन की व्यथा ? रोज़ टूटती हूँ फिर उठ खुद को जोडती...
79. Pisha looking at sunset

आखिरी मुलाकात…

ना जानें कौन सी मुलाकात आखिरी हो; वो शब्द आखिरी हो, संवाद आखिरी हो अरमां जो पुरे ना हो सके कभी बेतुकी...
andhi

कविता:सजा

कविता : कल रात एक झटके में तिनका तिनका बिखर गया आंधी आई और सब गुजर गया तूफ़ान उसके देस में चला आशियाँ...
315089_205569209504187_100001533287793_560759_2761962_a

मानव मेहता की दो कविताएँ

तेरी महक (सबा) कुछ लफ्ज़ अपनी मोहब्बत के- बिखेर दो मेरे आँगन…. इन हवाओं में घोल दो- अपनी चाहत...
0153136_calbum

अलका सैनी झार की कविता:खंडहर

खंडहर (एक) खंडहर हुआ महल अपने बोझिल अक्स को मूक आँखों से रहा निहार , जहाँ थी कभी यौवन भरे उपवन की...
ALKA SAINI_3b061d80c0672356a1a44c65cee57682

अलका सैनी “झार” की कविता :अस्तित्वहीन

घूरती उन पेजिल पथराई आँखों के आंसुओं को मेट्रो के रात के स्याह सुनसान अंधेरे में दहशतगर्द नम...
280px-Montage_for_Rio_de_Janeiro

रियो-कुछ शब्द चित्र

१ सागर के तट पर, अठखेलियाँ करता यौवन बड़े बड़े दरवाजे, छोटी सी चिलमन २ बूढ़े के आस पास, दो दो हसीनायें और...
IMG_1427

सन्देश प्रकृति का

कविता तुम्हारी जिज्ञासा और मेरा कौतूहल एक दिन पहुँचे क्षितिज के पास, अठखेलियाँ करती परियाँ...
linkin-park-waiting-for-the-end

ख़ामोशी… बहुत कुछ कहती है…

आप सबने मेरी ख़ामोशी में बड़ी ख़ामोशी से साथ दिया है… मेरी खामोश हौसला-आफजाई की है… हमेशा...