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Archive: ग़ज़ल Subscribe to ग़ज़ल

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रजनी मल्होत्रा नैय्यर की ग़ज़ल

ग़ज़ल हौसले जब जवान होते हैं, ज़ेर पा आसमान होते हैं. ग़म को पीकर जो मुस्कुराते ...
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देवी नागरानी की चार गज़लें

(एक) वो ही चला मिटाने नामो-निशाँ हमारा जो आज तक रहा था जाने-जहाँ हमारा दुशमन से जा मिला है अब बागबाँ...
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ग़ज़ल – प्राण शर्मा

घर वापस जाने की सुध – बुध बिसराता है मेले में लोगों की रौनक में जो भी रम जाता है मेले में किसको...
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उजालों के ना जब तक आये पैग़ाम…

ग़ज़ल उजालों के ना जब तक आये पैग़ाम चिराग़ जलते रहें मयस्सर हो ना रौशनी हर बाम चिराग़...
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मिले मुहब्बत, इससे बड़ा एजाज़ नहीं होता.

अग़ज़ल न चाहो ताज , सबके सिर ताज नहीं होता मिले मुहब्बत , इससे बड़ा एजाज़ नहीं होता. परहेज़ ही...
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यू. के. से प्राण शर्मा की ग़ज़ल

ग़ज़ल फीकी सी लगती हैं सभी घर की सजावटें भायी हैं इस तरह से यूँ सबको बनावटें उनका असर ए दोस्तो...
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प्राण शर्मा की ग़ज़ल :वतन को छोड़ आया हूँ

ग़ज़ल हरी धरती , खुले – नीले गगन को छोड़ आया हूँ कि कुछ सिक्कों की खातिर मैं वतन को छोड़ आया...
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विनोद कुमार पांडेय की दो गज़लें

1) गीत गाना छोड़ दूँ, ग़म को भुलाना छोड़ दूँ मुस्कुराना छोड़ दूँ, हँसना-हँसाना छोड़ दूँ हादसों...
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गौतम राजरिशी की गज़लें

(एक) हुई राह मुश्किल तो क्या कर चले क़दम-दर-क़दम हौसला कर चले उबरते रहे हादसों से सदा गिरे, फिर उठे,...
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श्यामल सुमन की गज़लें

(1) कौन मुझसे पूछता अब किस तरह से जी रहा हूँ प्यास है पानी के बदले आँसुओं को पी रहा हूँ जख्म अपनों...