Archive: मूल्यांकन Subscribe to मूल्यांकन
बौने कद का बडा कलाकार…. गुमनामी में
नत्थू दादा
राजकपूर के साथ बिताए लम्हे, राजकुमार की ठाठ के गवाह, धर्मेन्द्र की जिंदादिली...
लघुकथा का इनसाइक्लोपीडिया : ‘सरस्वती सुमन’ का लघुकथा विशेषांक
कभी ‘काला पानी‘ और अब ‘क्रांतिकारियों का तीर्थ स्थल‘ कहे जाने वाले भारत के सुदूर दक्षिणतम अंडमान-निकोबार...
बस्तर के पर्याय : गुलशेर अहमद खॉं ‘शानी’
लेखन की दुनियां में बस्तर सदैव लोगों के आर्कषण का केन्द्र रहा है। अंग्रेजी और हिन्दी में...
नया पथ, नया जीवन संदेश
आजकल चर्चा में है एक उपन्यास, नाम है ताकि बचा रहे लोकतंत्र
रवीन्द्र प्रभात के इस पहले उपन्यास...
साहित्य और समाचार पत्रों को गंभीर खतरा,हिन्दी ब्लॉगिग से : विनय दास
विरोध की तीव्रता ही नये विचार, नये माध्यम की स्थापना का सूचक है। विरोध जितना तीव्र होगा, उसका...
“समकालीन हिंदी काव्य की प्रासंगिकता और उसकी सृजनात्मकता के मायने
कहा जाता है कि जब कोई कवि वस्तु जगत में स्थित किसी भाव, घटना या तत्त्व से संवेदित होता है तो...
फेसबुक के चक्कर से बाहर निकले ब्लॉगजगत
हिंदी ब्लॉग जगत में आजकल अवार्ड मेनिया सर चढ़ कर बोल रहा है. यह कुछ कुछ हिंदी साहित्य के छुटभैये...

