Archive: विमर्श Subscribe to विमर्श
बुन्देली भाषा को आठवीं अनुसूची में शामिल करने के निहितार्थ
लोक विमर्श
एक लम्बे अरसे बाद मध्यप्रदेश की विधान सभा ने 24फरवरी 12 को एक अशासकीय संकल्प के द्वारा...
हिन्दी ब्लागिंग को समृद्ध करती महिलाएं
महिला-दिवस पर विशेष-
वर्तमान साहित्य में नारी पर पर्याप्त मात्रा में लेखन कार्य हो रहा है, पर...
ज़रा सोंचिये प्रधानमत्री महोदय ….
आदरणीय प्रधानमत्री महोदय,
सबसे पहले मेरा सादर अभिनन्दन स्वीकार करें. मैं इस देश एक आम और बहुत...
हिन्दी-ब्लॉगिंग … एक दृष्टि ….
ब्लॉगिंग या चिट्ठाकारी …चिट्ठालेखन अर्थात इन्टरनेट पर लेखन — एतिहासिक पृष्ठभूमि के द्रष्टिकोण...
नो मोलभाव, रेट फिक्स,आप को टिकट चाहिए ?
व्यंग्य
आप को टिकट चाहिए| मिलेगा, जरूर मिलेगा| पर आप को टिकट क्यों चाहिए? अच्छा, सेवा के लिए| हां,...
साहित्यिक अध्ययन की समस्या
साहित्य-रचना में संलग्न व्यक्ति के लिए अध्ययन इतना ही आवश्यक है, जितना जीवन के लिए ऑक्सीजन। यदि...
क्या अदम को भी तब याद करेंगे ?
बचपन में सुना था — खेलोगे, कूदोगे तो बनोगे नवाब, लिखोगे-पढ़ोगे तो होगे खराब…। क्या ये कहावत...
जपिये हाहा-हीही-हूहू
व्यंग्य
मैं सोच रहा हूं, आप भी सोचिये कि सचिन आखिर शतकों का शतक बनाने से क्यों चूक गये। मीडिया...
मेरी लाठी, मेरी भैंस
मैं इस देश का बहुसंख्यक हूं। मेरे पास कुछ नहीं है। कभी- कभी तो रोटी के भी लाले रहते हैं। कपड़े...
क्या रचनाएं बदलाव में कोई भूमिका निभाती हैं ?
सवाल अपने समय से
कवियों, लेखकों, कलाकारों के लिए मेरे मन में बचपन से ही सम्मान और श्रद्धा का भाव...

