Tag Archives: ajay jha
अपने ही घर में मुझे सब , मेहमान बना देते हैं…………
कविता :
बस्तियां खाली करवाने को ,
वो अक्सर उनमें ,
आग लगा देते हैं ॥
उतनी तो दुश्मनी नहीं कि ,
कत्ल...
बैंक की परीक्षा और नैनीताल की यात्रा (यात्रा वृत्तांत )
बहुत दिनों से सोच रहा था कि अभी तक जीवन के सफ़र में की गई सारी यात्राएं अपने आप में एक कहानी , एक...

