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कृष्ण कुमार यादव की तीन कविताएँ
भ्रूण हत्या
वह कोस रही है
अपनी कोख को
जिसने एक मृत बच्चीे
को जन्म दिया
कितने सपने देखे थे उसने
अपने...
अंधविश्वास की बजाय उद्देश्यमूलक साहित्य-सृजन की जरूरत:कृष्ण कुमार यादव
प्रशासनिक सेवा में रहकर चिंतन-मनन करना एवं साहित्यिक लेखन करना अपने आप में एक विशिष्ट उपलब्धि...

