1:37 pm - Friday May 19, 9454

Tag Archives: k.k.yadav

Kursi

कृष्ण कुमार यादव की तीन कविताएँ

भ्रूण हत्या वह कोस रही है अपनी कोख को जिसने एक मृत बच्चीे को जन्म दिया कितने सपने देखे थे उसने अपने...
KKY_001

अंधविश्वास की बजाय उद्देश्यमूलक साहित्य-सृजन की जरूरत:कृष्ण कुमार यादव

प्रशासनिक सेवा में रहकर चिंतन-मनन करना एवं साहित्यिक लेखन करना अपने आप में एक विशिष्ट उपलब्धि...