Tag Archives: poems
मदन मोहन बाहेती’घोटू’ की दो व्यंग्य कविताएँ
लेपटोप क्या आया घर में—-
लेपटोप क्या आया घर में,जैसे सौत आ गयी मेरी
दिन भर साथ लिए फिरते हो,करते...
नीलिमा शर्मा की दो कविताएँ
(एक)
मुझे “लफ्ज़” से प्यार है ..
लफ्ज़ जो बता जाते हैं,
कभी मायने मेरे प्यार के..
तो……..
कभी रुला...
मुकेश कुमार सिन्हा की दो कविताएँ
1.
एक पुरानी संदुकची
घर की सफाई
और फिर गलती से मिली
एक पुरानी संदुकची
था जंग लगा ताला
जिसकी चाभी...
जाओ मुझे नहीं करनी तुमसे कोई बात…..
दो कविताएँ :
जाओ मुझे नहीं करनी तुमसे कोई बात…..
लिख डाला है नाम तुम्हारा पन्नो पर ,
रो पड़ी तो...
चण्डीदत्त शुक्ल की तीन कविताएँ
अलसाई तुम्हारी पलकों के ठीक बीच में बड़ी-सी, इला अरुणा मानिंद बिंदी
उम्मीदों से लबालब भरी इस...
शिक्षक तेरा धन्यवाद
५ सितंबर शिक्षक दिवस पर विशेष
शिक्षक तेरा धन्यवाद , दिया है तुमने हमे वरदान ,
हूँ जहाँ भी मै उसमे...
ज्योति चौहान की दो कविताएँ
(1)
वो कहते है
वो कहते है कि “भूल जाऊ में उन्हें ”,
पर कोई बताये तोह हमे कि भला ये कैसे मुमकिन है?
जबकि...
चंडीदत्त शुक्ल की दो कविताएँ
तुम्हारी गुनगुनी धूप-सी खिलखिलाहट
एक तुम्हारी गुनगुनी धूप-सी खिलखिलाहट
और
पिघलते ग़मों के...
वन्दना गुप्ता की दो कविताएँ
कालजयी नही बन सकती………….
वो कहते हैं मुझसे
कालजयी बन जाओ
भाषा शैली को दुरुस्त करो
मगर कैसे...
चंडीदत्त शुक्ल की कविताएँ
काश…हम होते…उंगलियां एक हाथ की!
काश! तुम होते
गर्म चाय से लबालब कप
हर लम्हा निकलती तुम्हारे अरमानों...

