Tag Archives: Rajesh sharma kavita
जीना पड़ता हैं
सच कहू तो फूलो को भी खिलना पड़ता हैं
राजी नहीं हैं कोई भी , की ,जनम वो ले /
आता हैं रोते रोते , कुछ देर...
शब्द गूम जाएंगे, रचना न होगा कविता
शब्द गूम जाएंगे रचना ना होगा कविता
भाव थम जाएंगे
मन क्षुब्ध होगा
गीत गुंजन
न मधुर कलरव होगा
ऐसा...
माँ काश तुमने मुझे सिखाया होता
माँ काश तुमने मुझे सिखाया होता
झूठ बोलने का हुनर
थोडी सी मक्कारी
जीने का तरीका
जो चलता हैं आजकल
चापलूसी...

